This Year we will Going to celebrate our 66th Republic Day. Today we are  sharing some Patriotic Poems for Republic Day 2016 which you can utilize for your kids. The Most Popular, new and classic poems are available here.These Republic Day Poems are suitable for school kids.

The poems on Indian Republic day  have a patriotic vibe and the real essence of the country automatically gets transferred through them.You can get poems for 26th January in Hindi and in English also.

Happy Republic Day Poems In Hindi

भारत के गणतंत्र का, सारे जग में मान।
छह दशकों से खिल रही, उसकी अद्भुत शान॥

सब धर्मों को मान दे, रचा गया इतिहास।
इसीलिए हर नागरिक, के अधरों पर हास॥

प्रजातंत्र का तंत्र यह, लिये सफलता-रंग।
जात-वर्ग औ क्षेत्र का, भेद नहीं है संग॥

पांच वर्ष में हो रहा, संविधान का यज्ञ।
शांतिपूर्ण ढंग देखकर, चौंके सभी सुविज्ञ॥

भारत का हर नागरिक, संविधान का मीत।
इसीलिए सबके अधर, विश्वासों का गीत॥

पर कुछ नेता भ्रष्ट हो, फैलाते अंधियार।
ऐसे तो मर जाएगा, भारत का उजियार॥

इसीलिए हो जागरुक, भारत का हर वीर।
तभी मरेगी वेदना, हारेगी सब पीर॥

जो भी बिखरे राह में, चुनने होंगे शूल।
तभी खिलेंगे देश में, उत्थानों के फूल॥

शनैः शनैः कितना बढ़ा, देखो भ्रष्टाचार।
पर यदि जनता जागरुक, हो सकता उपचार॥

एक बार फिर चेतना, फिर गूंजे उद्घोष।
देश रहेगा स्वस्थ तब, जब हर रक्खे होश॥

best poems for republic day

 

माह जनवरी छब्बिस को हम
सब गणतंत्र मनाते।
और तिरंगे को फहरा कर,
गीत खुशी के गाते।।

संविधान आजादी वाला,
बच्चो! इस दिन आया।
इसने दुनिया में भारत को,
नव गणतंत्र बनाया।।

क्या करना है और नहीं क्या?
संविधान बतलाता ।
भारत में रहने वालों का,
इससे गहरा नाता ।।

यह अधिकार हमें देता है,
उन्नति करने वाला।
ऊँच-नीच का भेद न करता,
पंडित हो या लाला।।

हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई,
सब हैं भाई-भाई।
सबसे पहले संविधान ने,
बात यही बतलाई।।

इसके बाद बतायी बातें,
जन-जन के हित वाली।
पढ़ने में ये सब लगती हैं,
बातें बड़ी निराली।।

लेकर शिक्षा कहीं, कभी भी,
ऊँचे पद पा सकते।
और बढ़ा व्यापार नियम से,
दुनिया में छा सकते।।

देश हमारा, रहें कहीं हम,
काम सभी कर सकते।
पंचायत से एम.पी. तक का,
हम चुनाव लड़ सकते।।

लेकर सत्ता संविधान से,
शक्तिमान हो सकते।
और देश की इस धरती पर,
जो चाहे कर सकते।।

लेकिन संविधान को पढ़कर,
मानवता को जानो।
अधिकारों के साथ जुड़े,
कर्तव्यों को पहचानो।।

happy republic day poems

 

अपना झंडा हमको ज्यादा, प्यारा अपनी जान से
युगों-युगों तक लहराएगा, सदा तिरंगा शान से..

केसरिया रंग है झंडे में,
शौर्य, वीरता, त्याग का
हरा रंग है खुशहाली और,
जन-जन के अनुराग का

श्वेत रंग तो सदा चाहता, सबको शांति जहान से
अपना झंडा हमको ज्यादा, …………………….

इस झंडे के साथ देश का,
स्वाभिमान भी ऊँचा है.
कसम हमें ना होंने देंगे,
इस झंडे को नीचा है..

नीला चक्र मध्य में कहता,बढ़े प्रगति-रथ शान से
अपना झंडा हमको ज्यादा………………………

इस झंडे का मान बढ़ाने,
प्राण दिये हैं वीरों ने.
पा आजादी लाल किले पर,
फहराया रणधीरों ने.
झंडा गीतों की स्वर लहरी, गूँजे दूर वितान से.
अपना झंडा हमको ज्यादा, …………………

republic day short poems

Republic Day Short Poem for Kids

Main Iska hanuman hu

ye desh mera Ram h

Chatti chir ke dekh lo

Ander baitha Hindustan h

jai hind…

Happy-Republic-Day-Hindi-Poems-For-Kids-Student-2016-

Poems In English For Republic Day

Where the mind is without fear
and the head is held high;
Where knowledge is free;
Where the world has not been
broken up into fragments by
narrow domestic walls;
Where the words come out from
the depth of truth;
Where tireless striving stretches
its arms towards perfection;
Where the clear stream of reason
has not lost its way into the dreary
desert sand of dead habit;
Where the mind is led forward by thee
into ever-widening thought and action –
Into that heaven of freedom, my Father,
let my country awake.

 

 

“Is there ought you need that my hands withhold,
Rich gifts of raiment or grain or gold?
Lo ! I have flung to the East and the West
Priceless treasures torn from my breast,
And yielded the sons of my stricken womb
To the drum-beats of the duty, the sabers of doom.
Gathered like pearls in their alien graves
Silent they sleep by the Persian waves,
Scattered like shells on Egyptian sands,
They lie with pale brows and brave, broken hands,
they are strewn like blossoms mown down by chance
On the blood-brown meadows of Flanders and France.
Can ye measure the grief of the tears I weep
Or compass the woe of the watch I keep?
Or the pride that thrills thro’ my heart’s despair
And the hope that comforts the anguish of prayer?
And the far sad glorious vision I see
Of the torn red banners of victory?
when the terror and the tumult of hate shall cease
And life be refashioned on anvils of peace,
And your love shall offer memorial thanks
To the comrades who fought on the dauntless ranks,
And you honour the deeds of the dauntless ones,
Remember the blood of my martyred sons!”
The Gift of India
Sarojini Naidu

best poems for republic day

If you Like this post share it on social media and also comment which one is your favorite poem.

Pin It on Pinterest